खरीफ सीजन की बुवाई अब अंतिम दौर में पहुंच रही है और किसानों ने पिछले कुछ दिनों में तेजी से खेतों में फसलें बोई हैं। 21 अगस्त तक देश में खरीफ फसलों की कुल बुवाई 1,056.7 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गई है। यह सामान्य खरीफ क्षेत्र के करीब 96% के बराबर है। हालांकि, पिछले साल की तुलना में अभी भी बुवाई क्षेत्र 0.3% कम है।
कृषि मंत्रालय के मुताबिक, 15 से 21 अगस्त के बीच 40 लाख हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्र में खरीफ फसलों की बुवाई हुई। पिछले साल इसी अवधि में करीब 35 लाख हेक्टेयर में बुवाई हुई थी।
धान की बुवाई 3.2% कम
खरीफ की सबसे प्रमुख फसल धान का रकबा इस बार कुछ कम है। 21 अगस्त तक 405.10 लाख हेक्टेयर में धान की बुवाई/रोपाई हुई है, जबकि पिछले साल इसी समय 418.29 लाख हेक्टेयर था। यानी धान का क्षेत्रफल करीब 3.2% कम है।
हालांकि, 7 अगस्त तक धान के रकबे में कमी 4.4% थी। पिछले दो हफ्तों में रोपाई तेज होने से यह अंतर कम हुआ है। सरकार ने खरीफ 2026 में 123.15 मिलियन टन चावल उत्पादन का लक्ष्य रखा है। धान के रकबे में कमी मुख्य रूप से कर्नाटक, तेलंगाना, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में देखी गई है।
दलहन की खेती बढ़ी
दलहन किसानों के लिए इस बार तस्वीर थोड़ी बेहतर है। 21 अगस्त तक दलहन की बुवाई 113.63 लाख हेक्टेयर में हुई है, जबकि पिछले साल यह 112.14 लाख हेक्टेयर थी।
दलहन में अरहर का रकबा 43.86 लाख हेक्टेयर पहुंच गया है, जो पिछले साल 43.44 लाख हेक्टेयर था। वहीं उड़द की बुवाई 21.72 लाख से बढ़कर 24.38 लाख हेक्टेयर हो गई है। हालांकि, मूंग का रकबा 33.93 लाख से घटकर 32.68 लाख हेक्टेयर रह गया है।
तिलहन का रकबा लगभग स्थिर
तिलहनों की बुवाई इस बार लगभग पिछले साल के आसपास है। 21 अगस्त तक 188.37 लाख हेक्टेयर में तिलहन बोया गया, जबकि पिछले साल यह 188.69 लाख हेक्टेयर था।
सोयाबीन का रकबा 122.76 लाख से घटकर 121.35 लाख हेक्टेयर हो गया है। वहीं मूंगफली का क्षेत्रफल 48.22 लाख से बढ़कर 48.79 लाख हेक्टेयर पहुंच गया।
सरकार ने खरीफ 2026 के लिए कुल 28.92 मिलियन टन तिलहन उत्पादन का लक्ष्य रखा है, जिसमें सोयाबीन के लिए 14.85 मिलियन टन और मूंगफली के लिए 11.35 मिलियन टन का लक्ष्य है।
मक्का और मोटे अनाज की बुवाई घटी
मोटे अनाज और पोषक अनाज का कुल क्षेत्रफल 179.81 लाख से घटकर 176.36 लाख हेक्टेयर रह गया है। मक्का की बुवाई 93.30 लाख से घटकर 89.51 लाख हेक्टेयर हुई है। वहीं ज्वार का रकबा 12.61 लाख से बढ़कर 13.41 लाख हेक्टेयर और बाजरा 63.33 लाख से बढ़कर 64.68 लाख हेक्टेयर हो गया। दूसरी ओर, रागी का क्षेत्रफल 6.60 लाख से घटकर 4.81 लाख हेक्टेयर रह गया है।
कपास और गन्ने का रकबा भी थोड़ा कम
कपास की बुवाई इस बार 108.45 लाख हेक्टेयर में हुई है, जबकि पिछले साल यह 108.73 लाख हेक्टेयर थी।
गन्ने का रकबा भी थोड़ा कम हुआ है। 21 अगस्त तक 58.44 लाख हेक्टेयर में गन्ना बोया गया, जबकि पिछले साल यह 58.87 लाख हेक्टेयर था। वहीं जूट और मेस्टा का क्षेत्रफल 6.23 लाख से बढ़कर 6.34 लाख हेक्टेयर हो गया।
176.16 मिलियन टन खाद्यान्न उत्पादन का लक्ष्य
सरकार ने खरीफ 2026 के लिए कुल 176.16 मिलियन टन खाद्यान्न उत्पादन का लक्ष्य रखा है। इसमें 8.4 मिलियन टन दलहन, 31.04 मिलियन टन मक्का और 13.56 मिलियन टन पोषक/मोटे अनाज का लक्ष्य शामिल है।





