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गेहूं निर्यात पर बड़ा फैसला, सरकार ने हटाई रोक; आटा, मैदा और सूजी के एक्सपोर्ट को भी मंजूरी
सरकार के इस फैसले के पीछे देश में गेहूं की बेहतर उपलब्धता भी एक बड़ी वजह मानी जा रही है। मई में जारी आंकड़ों के मुताबिक, 2025-26 में भारत का कुल खाद्यान्न उत्पादन रिकॉर्ड 37.6563 करोड़ टन रहने का अनुमान है, जो 2024-25 के 35.7732 करोड़ टन से करीब 5.3% ज्यादा है।

चीनी महंगी होने पर सरकार-विपक्ष आमने-सामने, एथेनॉल से लेकर किसानों तक पर सवाल
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 20 जुलाई को चीनी की खुदरा कीमत ₹48.18 प्रति किलो थी, जो 20 अगस्त को बढ़कर ₹55.70 प्रति किलो हो गई। यानी एक महीने में चीनी के दाम करीब ₹7.50 प्रति किलो बढ़ गए हैं।

क्या ethanol की वजह से बढ़े चीनी के दाम? सरकार ने बताई असली वजह
सरकार ने बताया कि इथेनॉल उत्पादन के लिए इस्तेमाल होने वाली चीनी का हिस्सा बढ़ने के बजाय कम हुआ है। साल 2022-23 में इथेनॉल के लिए करीब 12% चीनी का इस्तेमाल हुआ था, जो 2025-26 में घटकर करीब 9% रह गया।

सरकार ने तय किया टूटे चावल का रिजर्व प्राइस, 30 सितंबर तक लागू रहेगा ₹2,100 का भाव
खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के अनुसार, कच्चे (Raw) और उबले यानी Parboiled दोनों तरह के टूटे चावल के लिए ₹2,100 प्रति क्विंटल का रिजर्व प्राइस तय किया गया है। यह कीमत 30 सितंबर 2026 तक होने वाली OMSS-D नीलामी में लागू रहेगी।

दुनिया में भारत का दबदबा, 80-85% मखाना सप्लाई भारत से; बिहार सबसे आगे
भारत दुनिया में मखाने का सबसे बड़ा उत्पादक है और वैश्विक सप्लाई में करीब 80-85 फीसदी हिस्सेदारी रखता है। भारत के अंदर भी बिहार मखाना उत्पादन में सबसे आगे है और देश के कुल उत्पादन का करीब तीन-चौथाई हिस्सा अकेले बिहार से आता है।

महंगी हो रही चीनी पर सरकार का एक्शन, 10 लाख टन ड्यूटी फ्री आयात की अनुमति
मौजूदा चीनी सीजन के अंत यानी सितंबर 2026 तक देश में चीनी का क्लोजिंग स्टॉक करीब 35 लाख टन रहने का अनुमान है, जबकि पिछले सीजन में यह करीब 49 लाख टन था।

चीनी के बड़े खरीदार अब 15 दिन से ज्यादा स्टॉक नहीं रख सकेंगे, सरकार ने घटाई स्टॉक लिमिट
सरकार ने चीनी के बड़े खरीदारों के लिए स्टॉक रखने की सीमा 30 दिन से घटाकर 15 दिन कर दी है। यानी जो कारोबारी या संस्थान हर महीने 10 मीट्रिक टन से ज्यादा चीनी खरीदते या इस्तेमाल करते हैं, वे अब अपनी जरूरत के 15 दिन से ज्यादा का स्टॉक नहीं रख सकेंगे।

8 साल की वारंटी और दमदार फीचर्स, जानिए Kubota के नए ट्रैक्टर क्यों हैं खास
Escorts Kubota ने किसानों के लिए 45 HP के MU4502 और 50 HP के MU5002 ट्रैक्टर लॉन्च किए हैं। दोनों ट्रैक्टर 41-50 HP सेगमेंट में आते हैं और खेती के साथ कस्टम हायरिंग व कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग में भी इस्तेमाल किए जा सकते हैं।

गेहूं निर्यात कोटे की होगी समीक्षा, 31 अगस्त तक निर्यातकों को देना होगा हिसाब
DGFT ने गेहूं निर्यात के लिए मिले कोटे की समीक्षा शुरू की है। निर्यातकों को 31 अगस्त 2026 तक उपयोग प्रमाणपत्र, शिपिंग बिल और जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे। 50% से ज्यादा कोटा इस्तेमाल करने वालों को अतिरिक्त कोटा मिल सकता है, जबकि कम इस्तेमाल किए गए कोटे को दोबारा आवंटित किया जा सकता है।

ऑस्ट्रेलिया पहुंचा बिहार का मिथिला मखाना, किसानों को मिला 18% ज्यादा दाम
बिहार के जीआई-टैग वाले मिथिला मखाना की पहली समुद्री खेप ऑस्ट्रेलिया पहुंची है। APEDA की मदद से भेजी गई 18 मीट्रिक टन की इस खेप में दरभंगा के किसानों से सीधे खरीदा गया मखाना शामिल था, जिससे किसानों को बाजार भाव से करीब 18% ज्यादा दाम मिला।

सरकार ने पूरा किया चावल खरीद का 99% लक्ष्य, पिछले साल से 5% ज्यादा हुई खरीद
केंद्र सरकार ने चावल खरीद का 99% लक्ष्य पूरा कर लिया है। 4 अगस्त तक 571.14 लाख टन चावल खरीदा गया, जो पिछले साल की तुलना में 5% अधिक है। वहीं, रबी सीजन में खरीद 18% बढ़ी है। सरकार को अब अक्टूबर में नई धान खरीद शुरू होने से पहले गोदामों में जगह बनाने के लिए पुराने चावल का स्टॉक बाजार में जारी करना पड़ सकता है।

त्योहारी सीजन से पहले महंगी हुई चीनी, अगले तीन महीने तक राहत के आसार कम
त्योहारी सीजन से पहले देश में चीनी की थोक कीमतें पिछले एक महीने में करीब 10 फीसदी बढ़कर रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं। कारोबारियों का अनुमान है कि सीमित आपूर्ति और बढ़ती मांग के कारण अगले तीन महीनों तक कीमतें ऊंची रह सकती हैं। नई गन्ना पेराई नवंबर से शुरू होने तक बाजार में राहत मिलने की संभावना कम है।
