खेती किसानी

गन्ने की रिकवरी और वजन में गड़बड़ी की होगी जांच, एक हफ्ते में बनेगी कमेटी
12 अक्टूबर 2026 को कर्नाटक और महाराष्ट्र से आए गन्ना किसानों के प्रतिनिधियों के साथ केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने बैठक की। इसमें किसानों ने गन्ने की रिकवरी के आंकड़ों में अंतर, वजन में कटौती, गन्ने की बर्बादी और लैब में जांच से जुड़ी समस्याएं उठाईं।

राजस्थान के किसानों के लिए मोठ की नई किस्म, जानें फायदे
काजरी मोठ-8 की सबसे बड़ी खासियत इसका कम समय में पककर तैयार होना है। ICAR के मुताबिक, इसकी फसल करीब 60 से 65 दिनों में तैयार हो जाती है। इससे किसानों को कम समय में फसल लेने का मौका मिल सकता है।

सरसों की नई किस्म पूसा डबल जीरो-36 क्यों है खास?
पूसा डबल जीरो मस्टर्ड-36 के तेल में इरुसिक एसिड की मात्रा 0.45 प्रतिशत है। वहीं, इसके बीज से तेल निकालने के बाद बचने वाली खली में ग्लूकोसिनोलेट्स की मात्रा 19.50 पीपीएम बताई गई है।

खेती में सिर्फ NPK नहीं, सल्फर भी है जरूरी; जानिए क्यों
सरसों, मूंगफली और सोयाबीन जैसी तिलहनी फसलों में सल्फर तेल बनने की प्रक्रिया में मदद करता है। इसकी कमी होने पर बीजों की उपज और गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।

गेहूं की नई किस्म HI 8849: एक हेक्टेयर में 51.9 क्विंटल उपज, जिंक से भी भरपूर
HI 8849 गेहूं की ड्यूरम किस्म है। इसकी प्रमुख खासियत इसकी अच्छी पैदावार और जिंक की मात्रा है। इसके गेहूं में 41.1 पीपीएम जिंक पाया जाता है।

सीकर की किसान संतोष देवी खेदड़ बनीं राजस्थान की ‘किसान ब्रांड एम्बेसडर’
संतोष देवी ने राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड (NHB) से पंजीकृत नर्सरी भी बनाई है। यहां हर साल एक लाख से ज्यादा पौधे तैयार किए जाते हैं। इस नर्सरी के जरिए किसानों को फलदार पौधे उपलब्ध कराने और बागवानी को बढ़ावा देने में मदद मिल रही है।

गन्ने की नई किस्म कोलख 21201 के बीज के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू, 11 अक्टूबर तक करें आवेदन
लखनऊ स्थित भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान (ICAR-IISR) ने गन्ने की किस्म कोलख 21201 (इक्षु-20) के बीज वितरण के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू किया है। संस्थान के मुताबिक, यह अधिक गन्ना उपज और ज्यादा शर्करा देने वाली अगोती किस्म है। उत्तर प्रदेश में इसकी सामान्य खेती के लिए अनुमति दी गई है।

तेलंगाना सरकार की किसानों को सलाह, रबी में कम पानी वाली फसलें उगाएं
राज्य के कृषि मंत्री तुम्मला नागेश्वर राव ने किसानों से कहा है कि वे अपने खेतों में सिंचाई के लिए उपलब्ध पानी और बाजार में फसलों की मांग को ध्यान में रखकर बुवाई करें।

पीलीभीत के किसान ने गन्ने की बंपर पैदावार लेकर प्रदेश में हासिल किया दूसरा स्थान
सुखदीप सिंह ने 2,222.50 क्विंटल प्रति हेक्टेयर, यानी करीब 222 टन प्रति हेक्टेयर गन्ने की उपज हासिल की। इस श्रेणी में हरदोई के अमर सिंह 2,430 क्विंटल प्रति हेक्टेयर की उपज के साथ पहले स्थान पर रहे।

बागवानी में परंपरा और नई तकनीक का मेल जरूरी, ICAR DG ने बताया आगे का रास्ता
किसानों के पास स्थानीय मिट्टी, मौसम और पौधों को लेकर लंबे समय से अनुभव मौजूद है। बदलते मौसम और जलवायु से जुड़ी चुनौतियों के बीच इस ज्ञान का महत्व और बढ़ गया है। ऐसे में जरूरत है कि इस पारंपरिक जानकारी को वैज्ञानिक शोध के साथ जोड़ा जाए।

राजस्थान में ‘सरसों संकल्प’ शुरू, 40 हजार किसानों को जोड़ने का लक्ष्य
‘सरसों संकल्प’ के तहत 2026-27 में करीब 15,000 किसानों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद कार्यक्रम का दायरा धीरे-धीरे बढ़ाया जाएगा और 2030-31 तक 40,000 किसानों तक पहुंचने की योजना है। पांच साल के इस कार्यक्रम के लिए कुल 16 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।

कपास की गुलाबी सुंडी पर नजर रखेगा AI Trap, ICAR ने तैयार की नई तकनीक
ICAR के मुताबिक, इस तकनीक का फायदा यह है कि Early Pest Alert मिलने से किसान समय रहते गुलाबी सुंडी के प्रबंधन की तैयारी कर सकते हैं।
