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डेयरी में साइलेज का इस्तेमाल क्यों है जरूरी? जानिए बनाने का तरीका और फायदे

साइलेज एक पोषण से भरपूर हरा चारा है, जिसे मक्का, ज्वार, बाजरा और हरी घास जैसी फसलों को fermentation के जरिए तैयार करके बनाया जाता है। इसमें सूखे चारे की तुलना में ज्यादा पोषक तत्व होते हैं और इसमें करीब 16-17 फीसदी तक प्रोटीन हो सकती है। यह पशुओं की सेहत के साथ-साथ दूध उत्पादन बढ़ाने में भी मददगार माना जाता है।

Pooja Rai

Pooja Rai·10 Sep 2026

डेयरी में साइलेज का इस्तेमाल क्यों है जरूरी? जानिए बनाने का तरीका और फायदे

डेयरी बिजनेस में अच्छी कमाई के लिए सिर्फ पशुओं की अच्छी नस्ल ही जरूरी नहीं है, बल्कि उनके खान-पान और पोषण का भी खास ध्यान रखना पड़ता है। पशुओं को पोषण से भरपूर चारा देने से उनकी सेहत बेहतर रहती है और दूध उत्पादन बढ़ाने में भी मदद मिल सकती है। उत्तर प्रदेश के हरदोई के सानिध्य अवध भी ऐसे ही डेयरी बिजनेस चला रहे हैं। खास बात यह है कि उन्होंने IT सेक्टर में शानदार करियर और लाखों रुपये के पैकेज को छोड़कर डेयरी बिजनेस शुरू किया और इसमें सफल भी हुए।

सानिध्य अवध ने NewsPotli के साथ पशुओं के लिए पोषण से भरपूर चारा साइलेज (Silage) तैयार करने का तरीका साझा किया है।

क्या है साइलेज?

साइलेज एक पोषण से भरपूर हरा चारा है, जिसे मक्का, ज्वार, बाजरा और हरी घास जैसी फसलों को fermentation के जरिए तैयार करके बनाया जाता है। इसमें सूखे चारे की तुलना में ज्यादा पोषक तत्व होते हैं और इसमें करीब 16-17 फीसदी तक प्रोटीन हो सकती है। यह पशुओं की सेहत के साथ-साथ दूध उत्पादन बढ़ाने में भी मददगार माना जाता है।

हर मौसम में पशुओं को देते हैं साइलेज

सानिध्य अवध अपने डेयरी के पशुओं को हर मौसम में साइलेज देते हैं। उनका कहना है कि इससे पशुओं की सेहत अच्छी रहती है और दूध उत्पादन भी बेहतर होता है। उन्होंने बताया कि साइलेज बनाने के लिए किसान को किस फसल या हरी घास का चुनाव करना चाहिए, इसे कैसे तैयार करना है और इसे लंबे समय तक कैसे स्टोर किया जा सकता है।

उनके मुताबिक, साइलेज की खासियत यह है कि इसे हरे चारे की तुलना में लंबे समय तक रखा जा सकता है।

साइलेज के क्या फायदे हैं?

साइलेज को सही तरीके से तैयार करके 6 महीने से 1 साल तक स्टोर किया जा सकता है। इसमें हरी घास के मुकाबले ज्यादा पोषक तत्व होते हैं और पशु इसे आसानी से पचा भी लेते हैं।

इसके अलावा, इसे हर मौसम में पशुओं को खिलाया जा सकता है। बार-बार हरा चारा उगाने की जरूरत कम होने से मेहनत और खर्च भी कम हो सकता है। इससे पशुओं के स्वास्थ्य पर अच्छा असर पड़ता है और दूध उत्पादन बेहतर रखने में मदद मिल सकती है।

साइलेज कैसे तैयार होता है और इसे बनाने के लिए कौन-सी फसल बेहतर है, जानने के लिए वीडियो देखिए-

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