News Potli
न्यूज़ पोटलीभारत के किसानों और गाँवों की आवाज़
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • इंटरव्यू
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
News Potli
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • इंटरव्यू
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
Share
WhatsAppFacebookX / Twitter
  1. Home
  2. पशुपालन
  3. देसी गायों की डेयरी खोलें, सरकार से पाएं 11.80 लाख रुपये की सब्सिडी, जानें पात्रता
पशुपालन

देसी गायों की डेयरी खोलें, सरकार से पाएं 11.80 लाख रुपये की सब्सिडी, जानें पात्रता

उत्तर प्रदेश में नंद बाबा दुग्ध मिशन के तहत मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना चलाई जा रही है. इसके तहत देसी गायों की डेयरी खोलने पर लाभार्थी को 50% का अनुदान मिलेगा. लाभ लेने के लिए आपको ऑनलाइन आवेदन करन

Pooja Rai

Pooja Rai·19 Aug 2025· 3 min read

देसी गायों की डेयरी खोलें, सरकार से पाएं 11.80 लाख रुपये की सब्सिडी, जानें पात्रता

देसी गायों की डेयरी खोलें, सरकार से पाएं 11.80 लाख रुपये की सब्सिडी, जानें पात्रता

उत्तर प्रदेश में नंद बाबा दुग्ध मिशन के तहत मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना चलाई जा रही है. इसके तहत देसी गायों की डेयरी खोलने पर लाभार्थी को 50% का अनुदान मिलेगा. लाभ लेने के लिए आपको ऑनलाइन आवेदन करना होगा. आवेदन करने की अंतिम तारीख 23 अगस्त 2025 तक है.

देसी गायों के संरक्षण को लेकर योगी सरकार लगातार काम कर रही है. इसी क्रम में नंद बाबा दुग्ध मिशन के तहत मिनी नंदिनी कृषि समृद्धि योजना शुरू की गई है. इसके तहत देसी गायों की डेयरी खोलने पर 11.80 लाख रुपये की सब्सिडी मिलेगी. उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा ₹1000 करोड़ की लागत से प्रदेश को दुग्ध उत्पादन में अग्रणी राज्य बनाये रखने और इसके लिए प्रत्येक गांव में दुग्ध सहकारी समितियां गठित कर दुग्ध उत्पादकों को गांव में ही उनके दूध के उचित मुल्य पर विक्रय की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए नन्द बाबा दुग्ध मिशन का शुरू किया गया है.

कितना मिलेगा अनुदान?
नंदिनी कृषक समृद्धि योजना की कुल लागत 23.60 लाख रुपये है. इसमें से 50 फीसदी अनुदान के रूप में लाभार्थी को 11.80 लाख रुपये मिलेगा. अनुदान की राशि दो किस्तों में जारी की जाएगी. जबकि कुल लागत की 15 फीसदी राशि लाभार्थी को खुद लगानी होगी.
35% बैंक से लोन भी ले सकते हैं. योजना के तहत लाभार्थी को 10 स्वदेशी नस्ल की गायों के साथ डेयरी शुरू करनी होगी. इसमें गिर, साहिवाल, थारपाकर नस्ल की गाय होनी चाहिए.

ये भी पढ़ें - फसलें खराब होने को अत्यंत गंभीरता से लें अधिकारी, सैंपल फेल होने पर कार्रवाई की जाएं: शिवराज सिंह

गाय की खरीद
गाय की खरीद प्रदेश के बाहर से यथासंभव ब्रिडिंग ट्रैक्ट से किया जाए.
गोवंश का ईयर टैग व बीमा कराना अनिवार्य होगा.
खरीद किए जाने वाली गाय पहले या दूसरे ब्यात की हो, और ब्यात 45 दिन से अधिक न हो.
आवेदक के पास गो पालन या महिष पालन का कम से कम 3 वर्षो का अनुभव होना चाहिए और इसका प्रमाण सम्बन्धित मुख्य पशु चिकित्साधिकारी द्वारा किया गया हो.
आधारभूत संरचना के लिए 0.20 एकड़ और चारा उत्पादन के लिए 0.80 एकड़ भूमि अनिवार्य, खुद की या पैतृक/साझेदारी अथवा 7 वर्षों का पंजीकृत अनुबन्ध पर ली गयी हो, जलभराव से मुक्त हो.

योजना के लिए पात्रता
स्थानीय निवासी
आधार कार्ड
गाय व भैंस पालन का 3 वर्ष का अनुभव
डेयरी के लिए 8712 वर्ग फुट जमीन
योजना का लाभ लेने के लिए विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करने के साथ ही हार्डकॉपी जमा करना अनिवार्य है. आप इस वेबसाइट पर आवेदन कर सकते हैं.

ये देखें -

News Potli.
Clip & Share
“

— देसी गायों की डेयरी खोलें, सरकार से पाएं 11.80 लाख रुपये की सब्सिडी, जानें पात्रता

newspotli.comIndia's #1 Rural Journalism Platform
dairy businessNews Potlisubsidyuttar pradesh
Pooja Rai

About the Author

Pooja Rai

सभी लेख देखें
Related Coverage

और पढ़ें

बैलों को आश्रम में रखने को मजबूर किसान
पशुपालन

कम बारिश के कारण किसानों की बढ़ी परेशानी, बैलों को आश्रम में रखने को मजबूर किसान

किसानों का कहना है कि बैल उनके लिए केवल पशु नहीं, बल्कि खेती में वर्षों से साथ निभाने वाले साथी रहे हैं। लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में चारे, पानी और रखरखाव का बढ़ता खर्च वहन करना कठिन हो गया है।

News Potli·07 Oct 2026
नंदिनी दूध पर बड़ा फैसला, ₹8 तक बढ़ सकती है कीमत
पशुपालन

नंदिनी दूध पर बड़ा फैसला, ₹8 तक बढ़ सकती है कीमत

दूध उत्पादक संघों ने पहले 8 से 10 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ोतरी की मांग की थी। उनका कहना है कि पशु चारा, दवाइयों, परिवहन और पैकेजिंग का खर्च बढ़ने से दूध उत्पादन की लागत बढ़ गई है। सूखे के कारण चारे की कमी ने डेयरी किसानों की परेशानी और बढ़ा दी है।

Pooja Rai·07 Oct 2026
टूना मछली खाने से घबराने की जरूरत नहीं, ICAR-CMFRI ने बताया सुरक्षित
पशुपालन

टूना मछली खाने से घबराने की जरूरत नहीं, ICAR-CMFRI ने बताया सुरक्षित

ICAR-CMFRI के मुताबिक, मछली को खाने से पहले उसकी सफाई और अंदरूनी हिस्से को ठीक से निकालना जरूरी है। मछली को अच्छी तरह साफ करने के बाद उसे सही तरीके से पकाना भी उतना ही जरूरी है।

News Potli·28 Sep 2026
News Potli

न्यूज़ पोटली

भारत के गाँव और किसान की आवाज़

Platform

  • About Us
  • Our Team
  • Pitch Your Story
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Terms of Service

Contact Us

© 2026 News Potli. All rights reserved.

Crafted byBuildRocket LabsBuildRocket Labs